2026-02-15T12:00:00 महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व भगवान शिव की आराधना और उपासना को समर्पित है। महाशिवरात्रि हर वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है, जो प्रायः फरवरी या मार्च महीने में आती है।महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्वशास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि की रात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पावन अवसर माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करने का विशेष महत्व है। रात्रि जागरण और शिव भक्ति से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।पौराणिक मान्यताएंएक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष को अपने कंठ में धारण किया था, जिससे वे नीलकंठ कहलाए। इसलिए इस दिन शिव की पूजा करने से विष, कष्ट और नकारात्मकता का नाश होता है।पूजा और व्रत विधिमहाशिवरात्रि के दिन भक्त प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और व्रत का संकल्प लेते हैं। दिन और रात्रि में चार प्रहरों में शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।अभिषेक सामग्रीजल और गंगाजलदूध, दही, घी, शहदबेलपत्रधतूरा और भांगभस्म और पुष्पधूप और दीपआध्यात्मिक महत्वमहाशिवरात्रि आत्मचिंतन और साधना का पर्व है। इस रात्रि ध्यान और मंत्र जाप करने से मन की शुद्धि होती है और आत्मिक शक्ति का विकास होता है। यह पर्व वैराग्य, संयम और भक्ति का संदेश देता है।महाशिवरात्रि का संदेशअहंकार का त्याग करेंसंयम और साधना अपनाएंसत्य और धर्म के मार्ग पर चलेंभक्ति से जीवन को पवित्र बनाएंप्रसिद्ध शिव मंदिरकाशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसीमहाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैनसोमनाथ मंदिर, गुजरातकेदारनाथ मंदिर, उत्तराखंडरामेश्वरम मंदिर, तमिलनाडुशुभकामना संदेशभोलेनाथ की कृपा आप पर सदा बनी रहे,जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।महाशिवरात्रि के पावन अवसर परआपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।ॐ नमः शिवाय 🙏